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31 मरीज और, उत्तराखण्ड में कोरोना पाजीटिव का आंकडा 469 पर पहुंचा
May 27, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

भारत नमन ब्यूरो /देहरादून । आज दो बजे के बाद उत्तराखंड में कोरोना के 31मामले और सामने आये। स्टेट कोरोना कन्ट्रोल रूम द्वारा 2 बजे के बुलेटिन में 38 मरीजों की रिपोर्ट पाजीटिव बताई गयी थी। इस तरह आज  प्रदेश भर में 69 लोग कोरोना पाजीटिव पाये। गये जिसके बाद राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 469 तक पहुंच गयी। 

नये 31 कोरोना मरीजों में अल्मोडा में 6,देहरादून में 1, उधमसिंह नगर में 7, नैनीताल में 3, टिहरी में 11और पिथौरागढ में 3 मरीज शामिल हैं। 

पर्वतीय जिलों में टेस्टिंग बढाई जाये :अमित नेगी

इस बीच राज्य के चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने आज शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। श्री नेगी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव कार्यों में धन की कोई कमी नहीं है। एसडीआरएफ, मुख्यमंत्री राहत कोष के साथ ही जिला योजना से भी जिलों को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। क्वारंटाइन फेसिलिटी में सारी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। यहां रोके जाने वाले लोगों को जरूरी चीजों की कमी न हो। स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। जिलों में क्वारंटाइन  सेंटरों की मानिटरिंग के लिए एडीएम स्तर के अधिकारी को नोडल बनाया जाए। क्वारंटाइन  सेंटर में क्या-क्या सुविधाएं होनी चाहिए, उसकी लिस्टिंग कर ली जाए। 

सचिव श्री नेगी ने कहा कि कोविड केयर सेंटर (सीसीसी) बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोशिश की जाए कि यहां अधिक स्थान उपलब्ध हो। रेड जोन से आने वालों को संस्थागत क्वारंटाइन  किया जाना है। पर्वतीय जिलों में यथासंभव टेस्टिंग को बढाया जाए। इसके लिए बूथ फेसिलिटी भी विकसित की जा सकती है। प्राईवेट अस्पतालों का सहयोग लिया जाए। 

सचिव ने कहा कि जितने कार्मिकों की आवश्यकता है, आउटसोर्सिग से ले लिया जाए। इसमें विशेषज्ञ कार्मिकों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जाए। शासन स्तर पर सीसीसी, एमआईएस, लाजिस्टिक आदि के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। जिलों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए उन्हें सक्रिय किया जाए। जिलों में फील्ड लेवल पर जो भी कठिनाइयां आती हैं, शासन को उससे अवगत कराएं। नियमित रूप से इनपुट देते रहें। विभिन्न बिंदुओं पर डाटा संग्रहण किया जा रहा है। इस डाटा का विश्लेषण भी करें। इससे आगे की आवश्यकताओं के बारे में पता चलता है। 

सचिव श्री नेगी ने कहा कि हेल्थ स्टाफ को सुरक्षित रखना सर्वोच्च प्राथमिकता पर हो। उनके लिए व्यवस्थाएं फुल प्रूफ हों। सभी व्यवस्थाओं का निरंतर आंकलन करते हुए देखें कि कहां-कहां गैप हैं। इन गैप को दूर किया जाए। एमआईएस पोर्टल पर सारी जानकारियां देना सुनिश्चित किया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिग में सभी जिलाधिकारियों ने अपना फीडबैक दिया। 

बैठक में सचिव  दिलीप जावलकर, श्रीमती सौजन्या, शैलेश बगोली, डाॅ पंकज कुमार पाण्डे, आईजी संजय गुंज्याल सहित अन्य अधिकारी और जिलाधिकारी उपस्थित थे। 

वरिष्ठ अधिकारियों और चिकित्सकों का वर्किंग ग्रुप गठित

इसके अलावा शासन द्वारा कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त गतिविधियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और वरिष्ठ चिकित्सकों का एक वर्किंग ग्रुप भी बनाया है। चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी के आदेश से उक्त वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है।