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आज जिनका जन्मदिवस है
June 6, 2020 • Naresh Rohila • सप्तरंग

रोहिला समाज के दिशानायक डाॅ कर्णवीर सिंह रोहिला 

🔵समय सिंह पुंडीर

प्रत्येक जाति समाज को दिशा देने के लिए समय- समय पर अनेक महान लोग हुए हैं। इसी तरह रोहिला क्षत्रिय समाज को संगठित कर उसे नई और सकारात्मक दिशा देने का काम डाॅ कर्णवीर सिंह रोहिला ने किया।  सोलंकी वंश के बरनवाल गोत्र में  सुगन सिंह रोहिला गॉंव भाँखला ,सहारनपुर के  के घर में 6 जून 1936 को डॉक्टर कर्णवीर सिंह रोहिला  का जन्म हुआ था। अपनी शिक्षा पूर्ण कर वे चिकित्सा क्षेत्र में चंडीगढ़ चले गए। वहाँ इस क्षेत्र में ऊंचे शिखर तक पहुंचने के साथ - साथ वे अपने रोहिला क्षत्रिय समाज के प्रति चिन्तित रहे और इस समाज के गौरव को पुनः प्राप्त कराने के लिए कार्य करते हुए समस्त भारत मे अपने सहयोगियों के साथ भ्रमण कर एक रोहिला क्षत्रिय समाज के संगठन की नीव रखी, क्योंकि जो  उस दौर में समाज के जो भी संगठन बने हुए थे वे दिग्भ्रमित हो अन्य बहुत सी पेशेगत जातियों के मिश्रण से बने थे जो भावी पीढ़ी को दिशाहीन कर रहे थे। डाक्टर कर्णवीर सिंह रोहिला के नेतृत्व में पहली बार विशुद्ध रूप से रोहिला क्षत्रिय संगठन का गठन हुआ जिसका नामअखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद रखा गया । परिणाम स्वरूप लगभग 10000 रोहिला प्रतिनिधि 22 अक्टूबर 1989 के महा अधिवेशन में शामिल हए और अपने गौरवशाली इतिहास को जाना। इसके बाद इस संगठन में अपने स्वाभिमान को बचाने और सामाजिक स्तर को उन्नत करने वाले लोग जुड़ते चले गए। प बिखरा हुआ यह समाज संगठित होकर दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करके आज अपनी पहचान प्राप्त कर चुका है। रोहिला क्षत्रिय समाज के बहुत से संगठन बन अपने समाज के लिए कार्य कर रहे है ,उनके कार्यो को बताने के लिए शब्द कम पड़ जाते है। इस समाज का यह सौभाग्य है कि अज्ञानता के अंधकार से निकल कर प्रकाश पथ पर ले जाने वाले महान व्यक्तित्व अवतरित हुए। इसी परिपेक्ष में 6 जून को प्रतिवर्ष डाॅ कर्णवीर सिंह रोहिला की जयंती बड़े धूमधाम से मनाई जाती है किंतु  कोरोना महामारी की इन परिस्थितियों में यह सम्भव ही नही हैै। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मपाल रोहिला और महामंंत्री कुलदीप सिंंह रोहिला ने आग्रह किया है अतः कि 6 जून को  सभी रोहिला समाज के लोग अपने घरों में प्रातः हवन करें अपने - अपने घरों में ओर एक दीपक जगाए सुबह  और शाम को भी। अपने गौरवशाली इतिहास का अध्ययन करें अपने बच्चों को जानकारी दें।( लेखक अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद के मीडिया प्रभारी और इतिहासकार है