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आलेख
October 9, 2020 • Naresh Rohila • सप्तरंग

रोहिला समाज को एकजुट कर नई दिशा दे रही क्षत्रिय परिषद

🔴कुलदीप सिंह रोहिला 

आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के युग में व्हाट्स, फेसबुक के माध्यम से नेट पर रोहिला क्षत्रिय समाज व उसके बनते जा रहे अनेक संगठनों के विषय में बहुत चर्चा - परिचर्चा हो रही है।भावावेश में कभी-कभी अमर्यादित भाषा का भी प्रयोग हो जाता है,जो अशोभनीय है।जब देश में शत् प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य सरकार बना रही थी उस समय रोहिला क्षत्रिय समाज शत् प्रतिशत साक्षर था। जिस समय देश में 70%साक्षरता हुई। उस समय रोहिला क्षत्रिय समाज शत् प्रतिशत शिक्षित था। इसी शिक्षित समाज में कुछ पुरोधा हुये जिन्होंने बिखरे समाज को संगठित करने व फैलीं कुरीतियों को दूर करने का संकल्प संगठन के माध्यम से लिया। कुछ संगठन विचारों के विरोधाभास के कारण बिखर गए,ऐसे विषम समय में  दर्शन लाल रोहिला ने रोहिला इतिहास लिखने की परिकल्पना की। डॉ कर्णवीर सिंह रोहिला, रामपाल सिंह रोहिला विकासनगर,रामपाल सिंह रोहिला जनकनगर, वेदप्रकाश रोहिला पटवारी ,प्रेमचंद रोहिला ,मित्रावरूण रोहिला,  कृष्ण लाल रोहिला एडवोकेट आदि समाज सेवियोंं से सम्पर्क कर अपना सपना बताया और सभी के सहयोग से यह साकार भी हुआ। उसके प्रकाशन व विमोचन का समय आया । गौरव शाली इतिहास छपने के उपरान्त डॉ कर्णवीर सिंह रोहिला ने एक संगठन की नींव 1984 में रखी ।

रोहिला क्षत्रिय समाज की पहचान बनाने के लिए अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद का गठन कर 1988 में संस्था रजिस्ट्रेशन कराकर विधिक रूप से गठन कर रोहिला समाज को संगठित करने के लिए परिषद ने बिगुल बजा दिया। 22 अक्टूबर 1989 को अग्रवाल धर्मशाला सहारनपुर में रोहिला क्षत्रियों का महा अधिवेशन आयोजित कर हज़ारों- हजारों रोहिला जनों को एकत्रित कर रोहिला समाज को एक नई पहचान,गौरव तथा एकजुटता प्रदान की। इस भव्य अधिवेशन में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रतिनिधि तथा उतरा खंड  (तब उत्तर प्रदेश ) के कांग्रेस नेता हीरा सिंह बिष्ट भी उपस्थित हुए। रोहिला समाज के सहयोग से 1994में रोहिला आईटीआई टपरी सहारनपुर की स्थापना डॉ कर्णवीर सिंह रोहिला के फार्म हाउस पर हुई जिसमें रोहिला समाज के बहुत से छात्रों ने अध्ययन किया और आगे भी करेंगे। इसमें से बहुत से छात्र सरकारी/अर्द्धसरकारी/प्राइवेट सैक्टर में नौकरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण विकास कर रहे हैं। 

अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद रजि० टपरी सहारनपुर सकारात्मक सोच व परिषद के जुझारू, शिक्षित,कर्मठ, उच्च विचार आदि गुणों से भरपूर पदाधिकारियों के नेतृत्व में समाज में रचनात्मक कार्य करता रहा और कर रहा है आई टी आई टपरी का अपना निजी भवन ,कृषि भूमि क्रय करना, दिल्ली में क्रेडिट सोसायटी होना, मुजफ्फरनगर में धर्मशाला हेतु भूमि क्रय करना, विकासनगर व चिलकाना में धर्मशाला का निर्माण स्थानीय शाखा द्वारा किया जाना,नकुड में रोहिला भवन का निर्माण शीघ्र होना व परिषद की अन्य शाखाओं द्वारा प्रतिभा सम्मान समारोह, बुजुर्गों का सम्मान समारोह, निर्वाचित पार्षद,ग्राम प्रधान,सदस्य,पंच,सरपंचों का सम्मान समारोह, महाराजा रणबीर सिंह रोहिला चौंक का नामकरण, बड़ौत शाखा द्वारा रणबीर सिंह रोहिला मार्ग कराना, शामली शाखा द्वारा रोहिला गली नगर पालिका से पास कराना , युवा रोहिला ओ दर्शाया शीतल जल प्लांट लगवाना स्थानीय शाखाओं पर जाना आदि रचनात्मक कार्य करना व समाज दुख सुख में सहभागिता करना विशेष अवसरों पर रोहिला क्षत्रिय समाज की पत्रिकाओं के प्रकाशन से रोहिला क्षत्रिय समाज के इतिहास की जानकारी आदि रचनात्मक कार्य हुए और भविष्य में भी होंगे।

वर्तमान परिषद के सद्प्रयासों से अपने समाज की प्रतिष्ठा बढ़ी है । अन्य समाज के लोगों ने हमें रोहिला क्षत्रिय के रूप में स्वीकार किया है । आज कठेहर रोहिलखंड में को हमारे भाई वहीं रह कर मुख्य धारा के राजपूत कहलाए आज हम वहां से विस्थापित रोहिला राजपूतों के साथ खड़े नजर आते है किन्तु दुर्भाग्य का विषय है कि कुछ संगठन ऐतिहासिक तथ्यों की हत्याकर ,निजी स्वार्थवश संख्याबल दर्शाने के लिए कुछ ऐसी पेशेगत जातियों को रोहिला क्षत्रिय समाज का घटक बताकर रोहिला क्षत्रिय समाज से जोड़ रहा है , जिनसे रोहिला क्षत्रियों का कोई वंशानुगत , सांस्कृतिक, पारम्परिक , ऐतिहासिक तालमेल नहीं है। विडम्बना यह है कि इन्हें भी रोहिला नाम दे रहे हैं। इतिहास साक्षी है कि रोहिला क्षत्रियों के साथ इन जातियों की कोई समरूपता नही है। भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे समय में अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद  रोहिला क्षत्रियों का विशुद्ध संगठन है जो अन्य समाज को साथ लेकर एकीकरण की बात कर रहे हैं इसे स्वीकार नहीं करती।  रोहिला समाज को अपने  पुरखों से सबक लें जिन्होंने ने विषम काल में भी रोहिला शब्द को लुप्त नहीं होने दिया ।  लोगों के पास समाज उत्थान हेतु कोई कार्य योजना है तो उसे परिषद के सम्मुख रखें और परिषद सभी के सहयोग से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जायेगा। सकारात्मक ऊर्जा से काम करने पर ईश्वर सफलता देता है । परिषद के साथ जुड़कर समाज का उत्थान हम सभी करें। ईश्वर हम सब को इतनी शक्ति दे कि रोहिला क्षत्रिय समाज शिक्षा व श्रम के सहारे अपना सामाजिक व आर्थिक स्तर उन्नत करे और अपने - अपने स्थानीय स्तर पर अपने जनहित के कार्यों से अपनी पहचान बनाए ताकि  समाज में लोक प्रियता प्राप्त कर राजनीतिक पटल पर पहचान मिले,जिससे युवा पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त हो ।

रोहिला क्षत्रिय इतिहास की जानकारी व रोहिला क्षत्रिय गोत्र आदि की जानकारी हेतु परिषद की वेबसाइट abrkvp.com

www.abrkvp.in

www.abrkvp.org विजिट कीजिए 

रोहिला क्षत्रिय समाज के लिए कुछ जानकारियां उपलब्ध कराई गई है जिससे युवा वर्ग को ऐतिहासिक व सामाजिक जानकारी सुलभ होगी।

जिससे युवा वर्ग में स्वाभिमान जगृत होगा जो ऐतिहासिक जानकारी के अभाव में नहीं हो पाया क्योंकि पूर्व प्रकाशित इतिहास की पुस्तकें अब सुगमता से उपलब्ध नहीं है। 

(लेखक अखिल भारतीय रोहिला क्षत्रिय विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री हैं)