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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने लिया हर की पैड़ी का जायजा
July 22, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

हरिद्वार में यात्रियों का आवागमन खोलने की भी मांग

श्रवण कुमार झा/हरिद्वार। भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई हरकी पौड़ी की दीवार का जायजा लेने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज के सानिध्य मेें संत महापुरूष बड़ी संख्या में हरकी पैड़ी पहुचे। इस दौरान उन्होने गंगा सभा के पदााधिकारियों से हरकी पैड़ी पर क्षतिग्रस्त क्षेत्र का हाल जाना। इस दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज ने कहा कि हर की पैड़ी का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। जहां आचमन मात्र से ही व्यक्ति के जन्म जन्मान्तर के पापों का शमन हो जाता है। सरकार को हरकी पैड़ी क्षेत्र की व्यवस्था व सौन्दर्यकरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही हरकी पैड़ी से सटी पहाड़ी से पत्थर,चट्टान आदि नीचे न गिरे इसके भी इन्तजाम करने चाहिए। इस दौरान गंगा सभा के पदाधिकारियों ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमंहत नरेन्द्र गिरि महाराज से कहा कि वह सरकार के समक्ष यह मुददा उठायें कि हरिद्वार में यात्रियों का आवागमन सरकार को पूर्ण रूप से खोल देना चाहिए। जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रहमस्वरूप ब्रहमचारी महाराज ने कहा कि लगभग चार माह से लाॅकडाउन के कारण श्रद्वालु यात्रियों का हरिद्वार में आवागमन नहीं हो पा रहा है। जिससे छोटे आश्रम व मठ मन्दिरों के साधु संतो के सामने खान-पान का संकट गहरा रहा है। सरकार शराब की दुकान तो खोल सकती है लेकिन भगवान के द्वार बन्द है सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जा रहा है। मंगनलवार तडके में हुई भारी वर्षा व आकाशीय बिजली गिरने की वजह से दीवार गिरने की बात क्षेत्र के लोगों द्वारा कही जा रही है। गंगा सभा के पदाधिकारी व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग कर रहे हैं। गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने कहा कि दीवार गिरने से किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। मलबे को जल्द ही हटा लिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की कि दीवार गिरने को लेकर भ्रामक प्रचार ना करें। महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि लोगों द्वारा हरकी पैड़ी मार्ग स्थित दीवार गिरने की सूचना रात्रि में ही दी गयी थी। लोगों द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि आकाशीय बिजली गिरने से गंगा सभा के कार्यालय पर तैनात गार्ड, आटो वाले व स्थानीय लोगों द्वारा भी गड़गड़ाहट के साथ गिरने की बात कही गयी है। आकाशीय बिजली गिरने के कारण ही दीवार गिरी है। इस दौरान म.म.स्वामी हरिचेतनानन्द, महंत कमलदास, स्वामी केशवानन्द, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, सिद्धार्थ चक्रपाणी, नितिन गौतम, वीरेंद्र कौशिक, शैलेष गौतम आदि उपस्थित रहे।

कांग्रेसियों ने ठहराया बिजली विभाग को जिम्मेदार

हरिद्वार। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और ऊर्जा निगम को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया। पूरे मामले की तकनीकी व निष्पक्ष जांच करने की मांग भी की गई है। महापौर अनिता शर्मा ने कहा कि भूमिगत विद्युत लाइन डालने के लिए जगह-जगह सड़कों की खुदाई की गई है। सड़क के गड्ढे और दीवार की जड़ में पानी भरने से हादसा हुआ है। पूर्व विधायक अंबरीश कुमार ने कहा कि प्रशासन सहित जितने विभाग भूमिगत लाइन डाल रहे हैं, वह सभी हरकी पैड़ी की दीवार गिरने के लिए जिम्मेदार हैं। कुंभ के कार्यों के लिए अब समय नहीं रहा है। कुंभ के मुख्य स्थल हरकी पैड़ी पर इतना बड़ा हादसा होना अपने आप में प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। भाजपा के लोग कल तक भूमिगत लाइन का विरोध करते थे, बाद में कमीशन तय होने पर अनियोजित तरीके से लाइन डलवाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। प्रशासन को चाहिए कि लीपापोती करने के बजाय ऊर्जा निगम, नगर निगम, लोनिवि जैसे विभागों के इंजीनियरों की तकनीकी टीम से जांच कराते हुए कार्रवाई करे। पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी नेताओं की शह पर पूरे शहर की सड़कों को खोदकर डाल दिया गया है। हरकी पैड़ी की दीवार गिरना विभागों की लापरवाही का परिणाम है। इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। पूर्व सभासद अशोक शर्मा ने कहा कि भाजपा नेता अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए आकाशीय बिजली को दीवार गिरने का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

दीवार गिरने की तकनीकी जांच हो:अम्बरीष

हरिद्वार। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कहा कि तेज बारिश के कारण हर की पौड़ी की दीवार क्षतिग्रस्त होना बहुत ही दुखद घटना है। कुछ लोगों से जानकारी प्राप्त हुई है कि यह घटना आकाशीय बिजली गिरने के कारण हुई है। हर की पौड़ी पर उचित अर्थिंग की व्यवस्था नहीं है। यह भी मान लिया जाए लेकिन सोच का विषय यह है कि हरिद्वार में जो भूमिगत लाइन बिछाई जा रही है क्या उसके तकनीकी मानक सही है। क्या यह लाइन निर्धारित गहराई पर डाली जा रही है। क्या इसकी देखरेख तकनीकी अधिकारियों द्वारा की जा रही है। हर की पौड़ी पर दीवार के सहारे हुई खुदाई में काम न होने पर अथवा पूरा होने पर उसे बंद क्यों नहीं किया गया। कुंभ समीप है अक्टूबर में शाही हरिद्वार में आने लगेगी। ऐसी स्थिति में सवाल यह है कि क्या अक्टूबर से पूर्व पुनर्निर्माण, मरम्मत का काम पूरा कर हर की पौड़ी का स्वरूप बहाल कर दिया जाएगा। अभी तक भी कुंभ के कार्य पूरे नहीं हुए क्या अक्टूबर नवंबर से पूर्व हम लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे। यह घोर लापरवाही और अनदेखी है। एक तकनीकी समिति का गठन कर जो एक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में हो। इस घटना की जांच हो और 15 दिन के अंदर वह समिति रिपोर्ट दे। गौरतलब है कि पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कोरोना संक्रमण काल पर यह भी कहा कि सत्ता की हनक और वीआईपी होने का प्रभाव पुलिस पर कैसा होता है यह कल कनखल में देखने को मिला कल दक्षेश्वर मंदिर के द्वार सभी श्रद्धालुओं के लिए बंद थे सभी भक्तजन बंद गेट पर ही नमन कर वापस लौट रहे थे। परंतु एक काफिला आता है जिसमें पूर्व मंत्री वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री बंशीधर भगत और प्रदेश सरकार के मंत्री श्री मदन कौशिक दर्जनों भाजपाइयों के साथ थे। पुलिस उन्हें देखकर द्वार खोल देती है। और आम नागरिकों के लिए बंद दर्शन उन्हें सहज हो जाते हैं यह था नमूना श्रद्धालुओं के ऊपर वीआईपी संस्कृति हावी होने। एसएसपी कह रहे हैं कि जांच कर कार्यवाही होगी पर क्या यह संभव है? बंशीधर भगत जी की लोग प्रशंसा करते यदि वह पाबंदी का पालन करते यह सत्ता का अहम इन्हें 2022 में कहां लेकर जाएगा यह इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते।