ALL करंट अफेयर्स राजनीति क्राइम खेल धर्म-संस्कृति हेल्थ खरीदारी-सिफारिश बातचीत सप्तरंग
एक दिन के सत्र में 19 विधेयक पारित
September 23, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

42 विधायक सदन से और 14 वर्चुअल सत्र से जुड़े

सदन की कार्यवाही 3 घन्टे 6 मिनट चली, 2 घन्टे 9 मिनट बाधित रही

bharatnaman.page /देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा के एक दिन के सत्र पूर्व निश्चित विषय कोविड, आपदा, कानून व्यवस्था, रोजगार और महगाई विषय पर चर्चा की गई। सदन में कुल 19 विधेयक पास किये गये। विशेषाधिकार हनन प्रश्न पर जाॅच की जायेगी। कुल 42 विधायक सदन से और 14 विधायक वर्चुवल जुडे थे। सदन की कार्यवाही 03 घण्टे 06 मिनट चला और 2 घण्टे 09 मिनट बाधित रहा।

प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने जानकारी दी। इससे पहले आज सुबह विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल की अनुपस्थिति में 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। कोरोना संक्रमित होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष होम आइसोलेशन में है। सबसे पहले पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय  प्रणब मुखर्जी, पूर्व विधायक स्वर्गीय  बृजमोहन कोटवाल और स्वर्गीय श्री नारायण सिंह भैंसोङा को सदन में श्रद्धांजलि दी गई ।

इससे पहले मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विधानसभा सत्र प्रारंभ होने से पहले विधानसभा उपाध्यक्ष  रघुनाथ सिंह चौहान से उनके कक्ष में शिष्टाचार भेंट की।

उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2020 पारित

उच्चशिक्षा मंत्री ने खुशी जताई, सीएम का आभार जताया 

एसके विरमानी /उत्तराखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2020 को विधानसभा में सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है। वर्ष 1973 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब विश्वविद्यालयों के लिए अलग से एक एकीकृत एक्ट लाया गया है। विधानसभा से अम्ब्रेला एक्ट पास होने पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व प्रदेश कैबिनेट के सहयोगियों सहित विधानसभा सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी राज्य विश्वविद्यालय अपने पृथक-पृथक अधिनियमों से संचालित हो रहे हैं। जिस कारण विश्वविद्यालयों के संचालन में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक व्यवस्था करने में एकरूपता नहीं आ रही थी। लिहाजा नए अम्ब्रेला एक्ट आने से अब राज्य के समस्त राज्य पोषित विश्वविद्यालयों में एक समान स्वायत एवं उत्तरदायी प्रशासन की स्थापना हो सकेगी। 

डॉ रावत ने बताया कि अम्ब्रेला एक्ट के तहत विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति में नए प्रावधान किए है। अब कुलपति 03 वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु तक पद पर नियुक्ति पा सकेगा। नए नियमों के तहत कुलपति को अधिकतम एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया जा सकेगा। इसके अलावा कुलपति चयन समिति में नए प्रावधानों के तहत 5 सदस्य होंगे जबकि पहले 3 सदस्य का प्रावधन था।

कुलसचिव की नियक्ति की प्रक्रिया एवं सेवा शर्तों में परिवर्तन कर अब राज्य विहित केंद्रीयकृत सेवा नियमों के अनुसार होगी। जिसमे यूजीसी मानकों के तहत 50 फीसदी पद विभागीय पदोन्नति से जबकि 50 फीसदी सीधी भर्ती द्वारा भरे जाएंगे। हालांकि अन्य सेवा शर्तें राज्य सरकार के अनुसार होंगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अन्य प्राधिकारियों के चयन एवं अन्य सेवा शर्तों का भी अम्ब्रेला एक्ट में उपबन्ध किया गया है।