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एम्स ऋषिकेश में एयर एम्बुलेंस हैलीपैड का उदघाटन
August 11, 2020 • Naresh Rohila • हेल्थ

दूरस्थ क्षेत्रों से गंभीर रोगियों को एयरलिफट कर लाने में मदद मिलेगी :त्रिवेन्द्र 

संस्थान में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध : प्रो रविकांत 

एसके विरमानी /ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में मंगलवार को बतौर मुख्यअतिथि सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने एयर एंबुलेंस हेलीपैड का विधिवत उद्घाटन किया। एम्स में हेलीपैड निर्माण से आपदा अथवा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को तत्काल उपचार के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए एम्स पहुंचाया जा सकेगा। इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का संस्थान में पहुंचने पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने अन्य अधिकारियों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एम्स में नवनिर्मित हेलीपैड का विधिवत उद्घाटन किया। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने कहा कि एम्स में हेलीपैड की सुविधा होने से दूर- दराज के क्षेत्रों में आपदाओं के दौरान घायलों को व गंभीर अवस्था के बीमार लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेली एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल एम्स ऋषिकेश पहुंचाया जा सकेगा,जिससे उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में समय- समय पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं में कई दफा काफी संख्या में लोग घायल हो जाते हैं,लिहाजा ऐसे समय में उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट करने के लिए एम्स का एयर बेस काफी हद तक सहायक सिद्ध होगा और लोगों का जीवन बचाया जा सकेगा। एम्स में हेलीपैड की स्थापना के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत  को बधाई दी व उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निदेशक प्रो. रवि कांत  की यह पहल राज्य के लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनजर उठाया गया उचित कदम है, जिससे लोगों के जीवन का संरक्षण होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स में आपदा व दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के उपचार के लिए प्रशिक्षित एयर रेस्क्यू टीम तैनात है। आपदा के लिहाज से संदेनशील उत्तराखंड राज्य में सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य में दक्ष आपदा मित्र बनाए हैं, जो ऐसे संकट के समय में लोगों को बचाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

 उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां आपदा प्रबंधन मंत्रालय पृथकरूप से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने एम्स संस्थान के बारे में बताया कि यहां चंद मिनटों में एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को ऑपरेशन थियेटर तक पहुंचाने की सुविधा है और इस तरह के घायल मरीजों की देखरेख करने वाला पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ मुस्तैद है, लिहाजा दक्ष स्टाफ की देखरेख में लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। बताया गया कि यह सब एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत के अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। बकौल मुख्यमंत्री एम्स ऋषिकेश देश का पहला संस्थान है, जहां अस्पताल परिसर में ही हेलीपेड की सुविधा उपलब्ध है।   

       इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत  ने कहा कि एम्स का प्रयास है कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक रोगी को पूर्णस्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा सके, लिहाजा संस्थान में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। निदेशक एम्स ने बताया कि संस्थान में इस सुविधा के शुरू होने से उत्तराखंड राज्य के लोगों मसलन, ट्रॉमा पेशेंट के साथ- साथ ब्रेन स्ट्रोक, हार्टअटैक, अंग प्रत्यारोपण तथा मातृ मृत्युदर को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कोविड19 के बाबत बताया कि हमें वर्ष- 2021 दिसंबर तक कोरोना वायरस का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, लिहाजा इसके लिए सभी को विशेष सावधानी बरतने के साथ साथ सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। एम्स के हेली सर्विसेस इंचार्ज डा. मधुर उनियाल ने बताया कि सही मायने में इस सेवा का लाभ राज्यवासियों को तभी मिल पाएगा, जब राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए इस सेवा से जोड़ा जाएगा, उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने एम्स ऋषिकेश व उत्तराखंड सरकार द्वारा हेली एंबुलेंस व हेलीपैड सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के सचिव प्रदीप कुमार खरोला द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर एम्स की एयर रेस्क्यू टीम ने आपदा के दौरान घायल को हेलीसेवा से अस्पताल पहुंचाने का मॉकड्रिल कर प्रदर्शन भी किया। 

 इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, मेयर अनीत ममगाईं, जीएमवीएन उपाध्यक्ष केके सिंघल, राज्यमंत्री करन बोहरा, उपनिदेशक (प्रशासन ) अंशुमन गुप्ता, डीन प्रो. मनोज गुप्ता, डीएचए प्रो. यूबी मिश्रा,डा.गीता नेगी, एसई अनुराग सिंह, ईई एनपी सिंह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, लॉ ऑफिसर प्रदीप चंद्र पांडेय आदि मौजूद थे।