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घर - घर में जले श्रीराम नाम के दीप
August 6, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

विनोद 'निराश' /देहरादून  लगभग 493 वर्षों के लम्बे इंतज़ार के बाद श्रीराम मंदिर निर्माण विधिवत रूप से अनुष्ठान एवं पूजा अर्चना के उपरान्त शुरू हो गया। लम्बी अदालती लड़ाई लड़ने के बाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विधि-विधान के साथ भव्य श्रीराम मंदिर की नींव अयोध्या में पड़ ही गई | नरेंद्र मोदी ने श्रीराम मंदिर पूजन के भव्य आयोजन का नेतृत्व अयोध्या पहुंच कर जिस प्रकार किया, वो ऐतिहासिक क्षण अविस्मरणीय है। सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा करने के बाद उन्होंने रामलला के दर्शन किए | पूरी विधि-विधान से मंदिर का शिलान्यास किया | भूमि पूजन के दौरान भारतीय संत समाज सहित अनेको विभूतियाँ इस क्षण की साक्षी बनी। मंदिर निर्माण की नींव रखे जाने के साथ ही श्रीराम मंदिर के लिए चलाया जाने वाला अभियान तो सफल हुआ ही साथ ही समूचे देशवासियों एवं दुनिया के कोने-कोने में बसे भारतियों की ख़ुशी का ठिकाना न रहा | इस स्वर्णिम अवसर पर हर किसी के मुख से अपने इष्ट आराध्य श्री राम का नाम ही निकल रहा था। अयोध्या एवं भारत के कोने – कोने में लोग पूजन के दौरान अखण्ड रामायण का पाठ एवं रामधुन में तल्लीन रहे । अयोध्या में श्रीराम मन्दिर बने, इसके लिए हजारों लोगों ने बलिदान भी दिया। आज उन हजारों लोगों का संघर्ष स्वरूप ले रहा है। 1989 में जब अयोध्या में श्रीराम मन्दिर के निर्माण के लिए आन्दोलन बहुत तीव्र हुआ था, सब लोग श्रीराम मन्दिर निर्माण के लिए जागरण करते थे।

दूसरी ओर लोगों की ख़ुशी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु दिन में प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन किया गया तो समूचे भारतवासियों सहित विदेशों में बसे भारतियों ने घी और तेल के दीये जलाकर भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण में अपनी आस्था की सहमति दे दी। पूरे उत्तराखंडवासियों ने दीये, मोमबती , लडियों से अपने घरों को सजाकर दीवाली मनायी। कुछ लोगो ने ख़ुशी में भगवान् श्रीराम के नारे लगते हुए आतिशबाजी भी की। बच्चे , जवान , बूढ़े , महिलायें सभी अपने हाथों में दीपक लेकर प्रभु श्रीराम का सुमिरन करते हुए राम राज की कल्पना कर रहे थे। भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण की शुरुआत से लोगों को अपार ख़ुशी की अनुभूति देखते ही बन रही थी। चहूँओर वातावरण ऐसे राममय लग रहा था कि जैसे पूरा देश भगवान् राम की नगरी अयोध्या बन गया हो।