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कोरोना कहर: पाजीटिव मरीजों के परिजनों की जानकारी लेने में जुटा प्रशासन
July 20, 2020 • Naresh Rohila • राजनीति

हरिद्वार में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी 159 पर पहुंची

श्रवण कुमार झा /हरिद्वार। जनपद में अब तक का रिकार्ड तोड़ते हुए पहली बार 171 कोरोना संकमित पाये जोने के बाद हड़कम्प की स्थिति बन गई है। सिडकुल स्थित बहुराष्टृीय कम्पनी में 153 मामले सामने आये है,जबकि अन्य स्थानों से भी पॅाजिटिव मरीज पाये गये है। जनपद में अब कुल एक्टिव मामलों की संख्या 321 हो गयी है। इतनी बड़ी संख्या में संक्रमित पाये जाने के बाद सभी को आइसोलेट करने के साथ साथ उनके परिजनों की जानकारी जुटाई जा रही है। पिछले तीन दिनों में कपनी में 288 पाॅजिटिव पाये गये है। इसके साथ ही जनपद में अब कंटेनमेंट जोन की संख्या 159 हो गई है। जनपद में दो दिवसीय लॉकडाउन के बावजूद जनपद हरिद्वार में वैश्विक महामारी कोरोना का कहर जारी है, जहां एक ही दिन में रिकॉर्ड तोड़ 171 मामले सामने आए हैं जिसके बाद से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एक ही दिन में आए इन रिकॉर्ड तोड़ मामलों के बाद कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड से इनकार नहीं किया जा सकता सबसे ज्यादा करोना के मामले यहां के सिडकुल स्थित बहुराष्टीय कंपनी के प्लांट में आए हैं जहां पर अब तक कुल 288 मामले सामने आ चुके हैं। कंपनी के 288 कर्मचारियों में कोरोनावायरस के बाद स्वास्थ विभाग इन सभी कर्मचारियों की कांटेक्ट रेसिंग में लगा हुआ है। कम्पनी में काम करने वाले अधिकतर कर्मचारी हरिद्वार शहर रुड़की ऋषिकेश और लक्सर निवासी हैं जिसके चलते जिला प्रशासन ने सभी कर्मचारियों के घरों के आसपास के इलाके को पाबंद करना शुरू कर दिया है। उधर डीएम हरिद्वार ने हुई स्वास्थ्य विभाग को एहतियातन कदम उठाते हुए जल्द से जल्द सभी कोरोना मरीजों के कांटेक्ट करने पर जोर दिया है। जनपद में अब कंटेनमेंट जोन की संख्या 159 हो गई है। 

 10 कर्मचारी ही बुलाएं औद्योगिक इकाइयां  जिलाधिकारी सी रविशंकर ने हरिद्वार में अचानक तेजी से बढते कोरोना संक्रमण मामलों के दृष्टिगत समस्त औद्योगिक इकाइयों में कुल कार्मिक क्षमता की कुल 10ः मेन पावर को ही बुलाये जाने के निर्देश सभी कंपनियों को दिये है। जिलाधिकारी ने संक्रमण नियंत्रण के लिए विकासखण्डों, निगम तथा पालिका क्षेत्रों में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के लिए विलेज रिस्पांस टीम व सिटी रिस्पांस के लिए 30 नयी टीमों का गठन किया गया है। जिले में अब कुल 58 टीमों को काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग कार्य करेंगी। उन्होंने टीम कार्मिकों तथा वीआरटी सीआरटी नोडल अधिकारी को वृहद स्तर पर काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लगातार स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है जनहित में परिस्थिति अनुसार कड़े निर्णय लिए जायेंगे।

हरकी पैडी पर सन्नाटा 

कोरोना वायरस के बढते संक्रमण को देखते हुए कांवड़ मेला और सोमवती स्नान पर्व पर रोक लगाये जाने के कारण रविवार को तीर्थनगरी में श्रावण महाशिवरात्रि पर्व के बाद भी सन्नाटा रहा। विभिन्न शिवालयों में पुलिसबलों की मौजूदगी के कारण जलाभिषेक करने में सफलता नही मिल सकी। लाॅॅकडाउन के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा,जबकि गंगा घाट सूने पड़े रहे। विभिन्न शिवालयों में भी शोर थमा रहा। हलांकि कुछ शिवालयों में श्रद्वालुओं ने प्रतीकात्मक पूजा अर्चना कर सुख-समृद्वि की कामना की। प्रदेश सरकार के प्द्वारा कावड़ मेला तथा सोमवती अमावस्या स्नान के पर्व पर रोक लगाए जाने व रविवार के लाॅकडाउन के चलते हरकी पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा। पिछले बरसों में इस दौरान बम बोले के जयघोष से गूंजने वाली धर्मनगरी में इस बार महाशिवरात्रि पर सन्नाटा छाया रहा। शिवालयों तथा मंदिरों में घंटे घड़ियालों की गूंज नहीं सुनाई दी। लाॅकडाउन के चलते पंचपुरी के सभी बाजार बंद रहे जिससे सड़कों पर सुनसानी छायी रही। सावन की शिवरात्रि पर धर्मनगरी के घाटों पर हमेशा दिखाई देने वाला लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा इस बार कहीं नजर नहीं आया। हरकी पैड़ी सहित तमाम घाटों व शिवालयों में सन्नाटा छाया रहा। सीमाएं सील होने व पुलिस की सख्ती के चलते बाहरी श्रद्धालु धर्मनगरी नहीं पहुंचे। बिल्केश्वर महोदव, दक्षेश्वर महादेव जैसे पौराणिक शिवालयों में भी सन्नाटा रहा। बेहद सीमित संख्या में स्थानीय श्रद्धालु ही जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंचे। लेकिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने का अवसर नही मिला।

सोमवती अमावस्या स्नान पर्व पर रहेगी रोक

हरकी पैड़ी सहित सभी घाटों पर पुलिस का सख्त पहरा बैठाया गया है। सोमवती अमावस्या जैसे स्नान पर्वो पर हरिद्वार में बड़ी संख्या में श्रद्वालुओं का आगमन होता है। इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण के मददेनजर शासन द्वारा पहले ही कांवड़ मेला तथा सोमवती स्नान पर्व पर रोक लगाते हुए श्रद्वालुओं से स्नान के लिए नही आने की अपील की है। पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार लोगों से नही आने की अपील की जा रही है। इतना ही नही दो दिन पहले ही जनपद की सीमा को सील करते हुए अन्य प्रदेशों से आने वालों को रोका जा रहा है। इस बारे में प्रशासन द्वारा कहा गया है कि बाहर से आने वालों को उनके खर्चे पर क्वारंटाइन किया जायेगा। रविवार को महाशिवरात्रि तथा सोमवार को अमावस्या का स्नान पर्व होने के बाद भी गंगा घाटों पर वीरानी छाई रही।