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लाॕकडाउन में उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ बन रहा लोगों का मददगार
April 3, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

महासंघ अध्यक्ष की कोशिश से परिजनों को मिली गर्भवती के पास जाने के लिए वाहन की अनुमति

भारत नमन ब्यूरो /देहरादून | कोरोना वायरस से बचाव के लिए 21 दिनों के लाॕकडाउन में उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ लोगों का मददगार बन रहा है | महासंघ की मदद की ऐसी कोशिश से एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को एक जगह से दूसरे स्थान पर जाने के लिए अल्मोडा  के सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने वाहन की अनुमति दे दी है | उललेखनीय है कि चिन्यालीसौड में प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को घर से अस्पताल ले जाने में बतौर सहयोगी के तौर पर परिवार की महिला को लॉकडाउन के चलते दूसरी जगह से न बुला पाने के कारण अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद परेशान हो रही थी। उसे जिला प्रशासन से भी इस मामले में कोई मदद नहीं मिल पा रही थी। गर्भवती महिला की इस स्थिति में उसके पति के अलावा अन्य कोई भी दूसरी महिला रिश्तेदार उसकी मदद को नहीं पहुँच पा रही थी। इस बारे में सरस्वती सदन पोखरवाली अल्मोड़ा निवासी गंगा खुल्बे ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को  पत्र लिखकर मदद की गुहार की है कि ऐसे हाल में उनकी पत्रवधू ममता खुल्बे के पास कोई भी महिला रिश्तेदार ना होने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिलाधिकारी अल्मोडा से कोई खास मदद ना मिलने पर उन्होने जब वहां के जनप्रतिनिधियोँ से मदद के लिये सहयोग मांगा तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ लिया। बाद में अल्मोडा के वरिष्ठ पत्रकार  सुरेश तिवारी ने उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष निशीथ सकलानी को सहयोग हेतु सभी परिस्थितियों से अवगत कराया। श्री सकलानी ने उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के निजी सचिव विक्रम सिंह चौहान को दूरभाष और वाट्सऐप के जरीए सारी जानकारी दी। जिस पर श्री चौहान ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए  जिलाधिकारी उत्तरकाशी और जिलाधिकारी अल्मोडा को उक्त मामले में आवश्यक कार्यवाही को  कहा।

श्री सकलानी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधा ना मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अभी 29 मार्च को भी एक गर्भवती महिला और उसके बच्चे को लापरवाही व चिकित्सा सुविधा न मिल पाने के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भर्ती न करके उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। महिला ने रास्ते में एंबुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई।
ऐसा ही एक और मामला जिसमें हरिद्वार पुलिस ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती को संकटमोचक बनकर अस्पताल पहुँचाया था। उत्तराखंड पत्रकार महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष निशीथ सकलानी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को इन सभी घटनाओं का हवाला देते हुए प्रदेश के सभी जनपदों में लॉकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं के जीवन की सुरक्षा हेतु पुख्ता उपाय करने की मांग की थी |

उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष श्री सकलानी ने बताया कि मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने इस मामले को गम्भीरता से लिया | मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद अल्मोडा के सम्भागीय परिवहन अधिकारी ने गंगा खुल्बे को वाहन ले जाने की अनुमति दे दी | उत्तराखण्ड पत्रकार महासंघ के इस प्रयास की सराहना हो रही है |