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मेरी बात
March 27, 2020 • Naresh Rohila

बाजार की भीड़ और यह लडाई ?

 

नरेश रोहिला /लाॕकडाउन के दौरान पिछले तीन दिनों से देश और राज्यों में बाजारों में जिस तरह से लोगों का सैलाब उमड रहा है ,उससे कोरोना के खिलाफ यह लडाई कमजोर न पड जाये | दुनिया में कोरोना को लेकर बेहद भयावह स्थिति है | करीब 24 हजार से अधिक लोग अभी तक इस बीमारी का शिकार हो चुके है और लाखों लोग संक्रमित है | भारत में यह छूत की बीमारी लगातार पांव पसार रही है | देश में 700 के आसपास मरीज अभी तक मिले है और 16 लोगों की मौत हुई  है | देखा जाये तो हमारे यहां स्थिति उतनी खराब नहीं है जितनी विश्व के अन्य देशों में है | संभवतः इसकी वजह यही है कि देश ने जल्दी कोरोना को गम्भीरता से लिया | प्रधानमंत्री ने 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फयू लगाने का आहवान किया था जिसे लोगों ने कामयाब बनाया | इसी दौरान बीमारी की गम्भीरता को देखते हुए राज्य सरकारों ने लाकडाउन शुरू कर दिया  | तीन दिन में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दूसरी बार 24 तारीख को फिर लोगों को सम्बोधित किया और 25 मार्च से अगले 21 दिन तक सम्पूर्ण देश में लाकडाउन लागू करने की सूचना दी | प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लोग लाकडाउन को कर्फयू समझे और घरों से न निकले | प्रधानमन्त्री ने इस दौरान सामाजिक दूरी बनाये रखने की सलाह का गम्भीरता से पालन करने का भी आहवान किया | उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव का एकमात्र उपाय सोशल डिस्टेशिंग बनाकर घर में रहना ही है | ऐसा करके ही कोरोना की बढती चेन को ब्रेक किया जा सकता है | प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि लाकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं विशेष रूप से खाद्य सामग्री, दूध ,फल, सब्जी, दवाई आदि की सप्लाई बनी रहेगी इसलिए आम जनता परेशान न हो | राज्‍य सरकारों ने भी ऐसी ही अपील की | अपने प्रदेश की बात करें तो यहां भी मुख्‍यमंत्री त्रिवेन्‍द्र सिंह रावत ने लोगों से लाकडाउन में संयम बरतने को कहा | आज लाकडाउन का तीसरा दिन है और राजधानी देहरादून में रोज बाजार खुल रहा है | दो दिन तक सुबह 7 से 10 बजे तक दुकानें खुली रही | आज तो इसमें और छूट है और एक बजे दुकानें खुलेंगी | आढत बाजार दो बजे से खुलेगा | सब्जी, फल वालों की ठेलियों को पूरे दिन चलने की छूट है | मतलब यह कि जरूरत का सामान आसानी से मिल सकता है लेकिन बाजार में तीन दिनों से यह हालत है मानों बाद में सामान मिलेगा ही नहीं | हर कोई बस अभी घर में अगले कई माह का राशन भर लेना चाहता है इसलिए करीब- करीब हर चीज के दाम बढ गये है | छोडे - बडे दुकानदार भी भरपूर फायदा उठा लेना चाहते   है | हालांकि दुकानदार अपनी मजबूरी बता रहे है | दुकानदारों का कहना है कि लाकडाउन लम्बा चलने के डर के मारे लोग अभी सारा सामान रख लेने को आतुर है और पीछे से सप्लाई ब्रेक हो रही है | खपत के अनुसार खाद्य सामग्री, फल ,सब्जी नहीं आ रही है | हालांकि इतने भी रेट नहीं बढे जिससे लोग परेशान हो | मेरी कालोनी केदारपुरम में पडोस  में एक छोटी सी दुकान चलाने वाले राजीव बंसल का कहना है कि आटे को छोडकर अन्य वस्तुओं के दाम में खास  वृद्वि नहीं    हुई | आटे का दस किलो का थैला पहले 280 का बिक रहा था जो 270 का मिलता था, अब वह 300 -310 का बिक रहा है | दालों में पांच से सात रूपये प्रति किलो का इजाफा है | भाडा बढने से भी दिक्कत हुई है |

नका कहना है कि लोगों में मची अफरा तफरी से ज्यादा परेशानी हो रही है | वाकई यदि सभी लोग एक दिन ही सब कुछ खरीद कर रख लेने की सोचेंगे तो कैसे काम चलेगा | जो भी हो महामारी के दौरान बाजार में हरेक की उपस्थिति संक्रमण के खतरे को बढा न दे | विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) का कहना है कि संक्रमण से बचने के भीड का हिस्सा न बनें | दो लोग एक-दूसरे के बीच कम,से कम एक मीटर का फासला रखे | पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी अपनी तरफ से ऐसी कोशिश कर भी रही है | कई स्थानों पर उसने निशान लगाकर लोगों को एक -दूसरे  से दूर खडे रखने के प्रयास किये भी लेकिन खरीदारी के लिए भीड की भीड उमड,आये तो ऐसे प्रयास फेल हो जाते है | इसलिए यह बेहद आवश्यक है कि आम जनता समझदारी दिखाये और बाजार में अफरा तफरी न  मचाये | कोरोना से बचना है तो घर पर रहें | बाजारों में भीड का हिस्सा बनकर दिन में घर में रहने कोई लाभ नहीं | ऐसा न हो कि घर में खाने पीने का सामान तो पर खाने वाले अस्पताल में हो | इसलिए अस्पताल जाने की नौबत न आने दें | घर पर रहे, सुरक्षित रहे | भोजन तो जैसे - तैसे मिल ही जायेगा | बुजुर्ग कह गये है ' ऊपर वाला भूखा जगाता जरूर है,भूखा सुलाता नहीं | इसलिए उस ताकत पर विश्वास रखें और सरकार की सुने |