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मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने विश्व पर्यटन दिवस की शुभकामनाएं दीं
September 26, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

उत्तराखंड पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म और आयुष के प्रमुख केन्द्र के रूप में उभरा :त्रिवेन्द्र 

bharatnaman.page देहरादून। मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म तथा आयुष के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। प्रदेश का नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य सदियों से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। जबकि यहां के चारधाम देश व दुनिया के करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने मे पर्यटन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी के दृष्टिगत राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। 

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि ‘अतिथि देवो भवः’ की हमारी परम्परा रही है। हमें अपनी इस परम्परा को सदैव कायम रखना होगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन दिवस को मनाये जाने का मुख्य उद्देश्य, दुनियाभर में लोगों को पर्यटन के महत्व के प्रति जागृत करना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन की किसी भी देश के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। 

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड के पर्यटन को वर्षभर स्थानीय निवासियों के लिए आर्थिक गतिविधियों का स्रोत बनाये जाने का हमारा प्रयास है। प्रदेश में पर्यटन को बढावा देने के लिये ’13 जिले-13 नए पर्यटन गंतव्य’, स्थापित किये जाने के साथ ही अनेक अन्य पर्यटन गंतव्य विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। चारधाम सड़क योजना एवं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाईन का निर्माण तेजी से हो रहा है। इससे प्रदेश में आने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों को आवागमन में आसानी होगी। श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कार्य अंतिम चरण पर है। इसे विश्व स्तरीय धार्मिक स्थल बनाया जा रहा है। बद्रीनाथ मन्दिर के सौन्द्रयीकरण की दिशा में पहल की गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 का प्रभाव अन्य क्षेत्रों की भांति प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ा है। पिछले छः माह से पर्यटन व्यवसाय में आये ठहराव को अब आगे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे है। होटल, राफ्टिंग, फिल्म शूटिंग, चारधाम यात्रा जैसे क्षेत्रों को शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाये जा रहे हैं। इसके लिए एसओपी के तहत गाइड लाइन भी तैयार की गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही वैश्विक महामारी का यह दौर भी समाप्त होगा तथा देवभूमि में पर्यटन व्यवसाय चार धाम यात्रा तथा यहां के नैसंर्गिक प्राकृतिक स्थलों पर फिल्मांकन आदि व्यवसाय पूर्व की भांति चलेंगे। 

 आने वाला समय पर्यटन के लिए बेहतर है :सतपाल महाराज 

प्रदेश के पर्यटन मंत्री  सतपाल महाराज ने भी विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी का प्रकोप पर्यटन क्षेत्र के लिए सबसे कठिन समय है। लेकिन हमें विश्वास है कि आने वाला समय पर्यटन के लिए बेहतर होगा।

श्री सतपाल महाराज ने कहा कि कोविड-19 के चलते लॉकडाउन की स्थिति के कारण पर्यटन उद्योग के सामने आने वाली चुनौतियों के प्रति हम काफी गंभीर हैं और पूरी ईमानदारी से पर्यटन को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार पर्यटन उद्योग को पूर्ण समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए हम अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और पर्यटन उद्योग में सामान्य स्थिति को वापस लाने के लिए कार्यों और उपायों की एक अभूतपूर्व श्रृंखला तैयार कर रहे हैं।

श्री महाराज ने कहा कि मैं राज्य में हमारे हितधारकों द्वारा दिखाए गए टीम भावना की सराहना करना चाहता हूं, जिसके परिणामस्वरूप एकीकृत दृष्टि का विकास हुआ और पुनरुद्धार की ओर एक रोड मैप बना।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि हाल के समय में हमारी सरकार द्वारा लिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय नीचे दिए गए हैं

पर्यटक यात्राओं के सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और अब आगंतुक सभी सार्वजनिक स्थानों और स्थलों पर निर्बाध रूप से जा सकते हैं।

उन्होने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल होम स्टे योजनाओं के तहत लिए गए ऋण पर पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए मूल राशि पर किए गए ब्याज की प्रतिपूर्ति। होटल, रेस्तरां और अन्य सड़क किनारे ढाबों के लिए उपयोगिता बिलों में वार्षिक वृद्धि इस साल सामान्य 15% के बजाय 9 प्रतिशत आंकी गई है।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों के लिए परमिट के नवीनीकरण पर और सड़क कर पर तीन महीने के लिए एक साल की छूट। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं जैसी योजनाओं के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा। अब साधारण क्लिक के साथ, एक निवासी इन योजनाओं के तहत पंजीकृत हो सकता है और नई बसों की खरीद के लिए 50% सब्सिडी या 15 लाख तक का लाभ उठा सकता है।

पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि होमस्टे योजना के तहत, 33% की सब्सिडी जैसे हाल के समय में हमारी सरकार द्वारा लिए गए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय हैं। पर्यटक यात्राओं के सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और अब आगंतुक सभी सार्वजनिक स्थानों और स्थलों पर निर्बाध रूप से जा सकते हैं।

उन्होने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल होम स्टे योजनाओं के तहत लिए गए ऋण पर पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए मूल राशि पर किए गए ब्याज की प्रतिपूर्ति। होटल, रेस्तरां और अन्य सड़क किनारे ढाबों के लिए उपयोगिता बिलों में वार्षिक वृद्धि इस साल सामान्य 15% के बजाय 9 प्रतिशत आंकी गई है।

सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों के लिए परमिट के नवीनीकरण पर और सड़क कर पर तीन महीने के लिए एक साल की छूट दी गई है।