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पशुलोक विस्थापित क्षेत्र के लोगों ने होली - दीवाली एक साथ मनाई
August 19, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

 

एसके विरमानी /ऋषिकेश 19 अगस्त। ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टिहरी बांध विस्थापित पुनर्वास क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित 7 गांवों को राजस्व ग्राम बनाए जाने की सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने पर पशुलोक विस्थापित क्षेत्र के सातो गांव के ग्रामीणों ने आज पशुलोक में होली और दिवाली एक साथ ही मनाई। 

इस अवसर पर समिति ने विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमचंद अग्रवाल का का जोरदार स्वागत किया । श्री अग्रवाल ने टिहरी विस्थापित क्षेत्र के लिए विधायक निधि से आंतरिक मोटर मार्गो के निर्माण के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपए एवं 50 स्ट्रीट लाइट लगाने की घोषणा भी की। 

 इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों ने खुशी का इजहार करते हुए आतिशबाजी कर मिष्ठान वितरण भी किया। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने संयुक्त जन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को माला पहना कर सम्मानित किया l  अवगत करा दें कि राज्य सरकार द्वारा 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश जमीदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 की धारा 3 के खंड 25 के अंतर्गत पशुलोक विस्थापित क्षेत्र के असेना, डोबरा, मालीदेवल, सिराई, विरयाणी, लमबागड़ी एवं होजीयान गॉवों को राजस्व ग्राम बनाए जाने की पृथक -पृथक अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसका पत्र आज विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम चंद अग्रवाल जी ने विस्थापित समन्वय विकास समिति के अध्यक्ष हरि सिंह भंडारी सहित संयुक्त समिति के पदाधिकारियों को भेंट किया ।   इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि इस अधिसूचना के बाद इन क्षेत्रवासियों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा एवं ग्राम पंचायत का भी गठन हो सकेगा।

  इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विस्थापित क्षेत्र की 20 वर्षों की समस्या का मुख्यमंत्री जी द्वारा समाधान किया गया है।जिससे क्षेत्र के लोग उत्साहित है। श्री अग्रवाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता इन गाँवों का विकास सुनिश्चित करना है।

  विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि ‘’आज मैं बहुत संतुष्ट हूं जो संकल्प पहले वर्षों पूर्व लिया था वह आज पूरा हुआ है।श्री अग्रवाल ने कहा कि टिहरी विस्थापित लोगों का टिहरी बांध के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान है, यह बाँध केवल उत्तराखंड के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ऊर्जा पैदा करता है।तब से लेकर अब तक ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में स्थापित होने के बाद भी इन गांवों को राजस्व ग्राम की मान्यता नहीं मिल पाई थी।जिस कारण विस्थापित क्षेत्र के लोगों को केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

  विस्थापित समन्वय विकास समिति के अध्यक्ष हरि भंडारी ने कहा है कि विस्थापितों को राजस्व ग्राम की श्रेणी में लाने का कार्य विधानसभा अध्यक्ष के अथक प्रयासों से हुआ है उन्होंने कहा है कि जब श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी पहली बार ऋषिकेश से विधायक बने थे तो विस्थापित क्षेत्र के लोगों को सरकार द्वारा प्रदत वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन से वंचित रहना पड़ता था।उस समय देहरादून के तत्कालीन जिलाधिकारी राकेश कुमार को निर्देशित कर क्षेत्रवासियों को यह सुविधा मुहैया करयाई थी। श्री भंडारी ने कहा कि कैंप लगाकर क्षेत्र के लोगों को विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन सहित अन्य सुविधाएं दी गई थी। विस्थापित क्षेत्र के किसानों को मुआवजे की बात हुई या अन्य सुविधाएं जिनसे वह वंचित हो रहे थे,।

 समिति के सचिव जगदंबा सेमवाल ने कहा है कि भले ही यह क्षेत्र राजस्व ग्राम में सम्मिलित नहीं था परंतु विधायक निधि एवं विभिन्न योजनाओं से विधानसभा अध्यक्ष ने इस क्षेत्र का हर प्रकार से विकास किया है।  

 संयुक्त जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिनेश डोभाल ने कहा है कि यह लड़ाई कई वर्षों से विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी लड़ रहे हैं जो आज मुकाम पर पहुंची है उन्होंने इसका श्रेय विधानसभा अध्यक्ष को दिया ।विधानसभा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा है कि विस्थापित क्षेत्र के लोगों के दृढ़ विश्वास एवं संघर्ष का परिणाम है कि यह सातों गाँव आज राजस्व ग्राम बन गए हैं।’’ 

  इस अवसर पर विस्थापित समन्वय विकास समिति के अध्यक्ष हरि सिंह भंडारी, सुंदरलाल बिजलवान, शूरवीर सिंह नेगी, दिनेश डोभाल, नरेंद्र सिंह राणा, जगदंबा सेमवाल, सोहन सिंह बिष्ट, गोविंद सिंह, जगदंबा रतूड़ी, प्रताप सिंह पवार, सुखदेव बडोनी, सूरत सिंह राणा, सच्चिदानंद पैन्यूली, दौलत सिंह गुसाईं, धन सिंह पवार, बलवीर सिंह रावत, गंभीर कुडियाल, निर्मला देवी, शुभा रतूड़ी, अनीता पवार आदि सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन विजय पाल ने किया ।