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राज्य स्थापना दिवस पर आन्दोलनकारी महिलाओं का सम्मान
November 9, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

बीस साल के सफर में उत्तराखंड ने कई मुकाम हासिल किये : प्रेमचंद अग्रवाल 

आन्दोलनकारी शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित 

भारतनमन / देहरादून 9 नवंबर। 21 वें राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा परिसर, देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों के चित्रों पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला आंदोलनकारियों को सम्मानित भी किया।

कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड आंदोलन के शहीदों को उपस्थित महिला आंदोलनकारीयों एवं अन्य लोगों द्वारा अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।साथ ही इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को उत्तराखंड राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए संकल्प भी दिलवाया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने महिला आंदोलनकारियों को गैरसैण विधान सभा भवन का प्रतीक फोटो एवं गंगाजली भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के तौर में मौजूद विधायक हरबंस कपूर, उमेश शर्मा काऊ, विधायक जीआईजी मैन एवं चंद्रा पंत द्वारा सभी महिला आंदोलनकारियों को पुष्पगुच्छ एवं शाल ओढ़ाकर कर सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाली राज्य महिला आंदोलनकारियों में श्यामा देवी, विमला ज़खमोला, मनोरमा बमराड़ा, मोहिनी नौटियाल, माया पवार, प्रभा बहुगुणा विजयलक्ष्मी गुसाई, सुंदरी देवी, कमला कंडारी, गुरदीप कौर, भूमा रावत, लक्ष्मी भंडारी, उषा भट्ट, भानुमति रावत, गोदाम्बरी देवी, रामी देवी, सोनी देवी, रामेश्वरी देवी एवं शकुंतला देवी मुख्य रूप से मौजूद थी।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 20 साल के सफर में उत्तराखंड ने सफलता के कई मुकाम हासिल किए। कई चुनौतियों का सामना किया। कुछ में सफलता हाथ लगी और कुछ में जूझने, संघर्ष करने, नई राह तलाश करने का दौर जारी है।उत्तराखंड राज्य आंदोलन के निर्माण में महिलाओं का अहम योगदान रहा है। महिला आंदोलनकारियों के ही बलबूते आज उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ है।श्री अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन ही था, जिसमें राज्य ने अपनी मातृ शक्ति की ताकत का अहसास किया और युवाओं के उत्साह को स्वीकार किया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान देश-दुनिया में देवभूमि के रूप में है। हमें इस पहचान को बनाए रखना है। हमें उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति पर नाज है।नए प्रगतिशील भारत में उत्तराखंड बढ़-चढ़कर अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहा है।कोरोना संक्रमण के इस काल में भी उत्तराखंडवासियों द्वारा एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की गई है।

इस अवसर पर विधायक हरबंस कपूर ने कहा कि उत्तराखंड हमेशा शहीदों का ऋणी रहेगा।राज्य आन्दोलन के शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य बनाए।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सम्मानित जीवन जीने का अधिकार होता है। इन्हीं अधिकारों के सपनों को लेकर अलग उत्तराखंड राज्य के लिए संघर्ष किया गया था। अगर हम सभी ईमानदारी से कोशिश करें तो अवश्य ही एक ऐसा उत्तराखंड बनाने में सफल होंगे जहां सभी क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतें पूरी होंगी, सभी को आगे बढ़ने के तमाम अवसर और साधन उपलब्ध होंगे। 

इस अवसर पर विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश सिंघल, अनु सचिव नरेंद्र रावत, अनु सचिव मनोज कुमार, अनु सचिव हेमं पंत, व्यवस्था अधिकारी दीपचंद, वरिष्ठ निजी सचिव अजय अग्रवाल, सुरक्षा अधिकारी प्रदीप गुणवंत, अनु सचिव नीरज गौड सहित विधानसभा के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी गण मौजूद थे।वहीं कार्यक्रम का संचालन भारत चौहान द्वारा किया गया।

आन्दोलनकारी महिलाओं का शाॅल ओढ़ा कर सम्मान 

एसकेविरमानी / ऋषिकेश 9 नवंबर। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय पर विधानसभा अध्यक्ष  प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारी महिलाओं को आज पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया । इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने कहा है कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण महिलाओं के संघर्ष के बल पर हुआ है ।

     राज्य आंदोलनकारी महिलाओं में श्रीमती उषा रावत, सरोज डिमरी, अरुणा शर्मा, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी आदि का सम्मान करने के पश्चात श्री अग्रवाल ने कहा है कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा है कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्ती के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया ।

     उन्होंने कहा है कि लंबे संघर्ष के बाद यह राज्य प्राप्त हुआ। श्री अग्रवाल ने कहा है कि राज्य आंदोलन कार्यों का सपना था कि पहाड़ी राज्य की राजधानी पहाड़ पर बने।उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जिससे आंदोलनकारियों का सम्मान हुआ है ।

    श्री अग्रवाल ने कहा है कि राज्य के लिए जिन लोगों ने अपना बलिदान दिया है अब उनके सपनों को साकार करने का समय आ चुका है उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण को 20 वर्ष पूरे हो चुके हैं और 21 वर्ष में हम प्रवेश कर रहे हैं अब उत्तराखंड अपने पैरों पर खड़ा हो चुका है अब हमें विकास के नए नए आयाम स्थापित करने की आवश्यकता है।

  श्री अग्रवाल ने राज्य निर्माण के दौरान चले आंदोलन के अनेक संस्मरण भी सुनाए जब मुजफ्फरनगर कांड की बात आई तो उनका गला भर आया।उन्होंने कहा है कि हमारे मातृशक्ति को अपमानित होना पड़ा परंतु उनके अपमान का बदला राज्य प्राप्त करके लिया । श्री अग्रवाल ने कहा कि अब हमें राज्य को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है प्रत्येक व्यक्ति को अपने निष्ठा व ईमानदारी के साथ इस राज्य को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करना होगा। इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का भी स्मरण किया है उन्होंने कहा है कि उन्हीं के प्रण से उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई है । 

     इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारी महिलाएं श्रीमती अरुणा शर्मा, सरोज डिमरी, उषा रावत, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी महिलाओं को सम्मानित किया गया । इस अवसर पर खाण्ड गांव के प्रधान शंकर धने, तेज बहादुर यादव, राजवीर रावत, शिव कुमार गौतम, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आदि सहित अनेक लोग उपस्थित थे । कार्यक्रम का संचालन सुंदरी कंडवाल ने किया।