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शान्तिकुंज में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन
February 17, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

भारत नमन ब्यूरो /हरिद्वार। शांतिकुंज में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हो गया। इस संगोष्ठी में गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ-उपासना, आदिवासियों के विकास, वृक्षारोपण, निर्मल गंगा जन अभियान, संगठन को मजबूत करने, नशा मुक्ति आंदोलन आदि योजनाओं को गति देने के लिए संकल्प कराया। वहीं, शांतिकुंज द्वारा संचालित 11 जोन, 125 उपजोन एवं देशभर के जिला प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए शपथ ली। गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि यह समय चुनौतियों से भरा है। इसके बीच प्रलोभनों से बचते हुए आचार्यश्री द्वारा निर्धारित रचनात्मक योजनाओं को पूरा करने में जुटना है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि गायत्री परिवार मध्य प्रदेश, छग, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के आदिवासियों के विकास के लिए कुटीर उद्योग, प्रशिक्षण सहित विभिन्न रचनात्मक योजना को गति देने में जुटा है। साथ ही युवाओं में वैचारिक क्रांति लाने के लिए भी प्रयासरत हैं। उन्होंने जनवरी 2021 में देश की मुंबई में होने वाले अश्वमेध महायज्ञ के लिए तैयारी में जुटने का आह्वान किया। केंद्रीय जोनल समन्वयक कालीचरण शर्मा ने कहा कि समन्वय में बहुत बड़ी शक्ति होती है। इसलिए सभी परिजन एकजुटता के साथ काम करें। शांतिकुंज रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि संगोष्ठी में वर्ष 2020 में चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई। साथ ही माहवार किये जाने वाले कार्यों की चर्चा की। इन योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए जोन, उपजोन व जिला प्रतिनिधियों को संकल्पित कराया गया। वर्ष 2020 अलग-अलग क्षेत्रों में छोटे-बड़े चालीस प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। तीन दिन चले राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल बारह सत्र हुए। जिसमें शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। समापन से पूर्व वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने प्रज्ञा अभियान (पाक्षिक) के ओडिया संस्करण का विमोचन किया।