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उन्नत कृषि के लिए किसानों को नई तकनीक की जानकारियां दें : रंजना राजगुरू
May 16, 2020 • Naresh Rohila • करंट अफेयर्स

हमारे संवाददाता/बागेश्वर | कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में नेशनल मिशन ऑन एग्रीककल्चर एक्सटेंशन एंड टैक्नोलॉजी (नैमेट) आत्मा योजना गवर्निंग बोर्ड की बैठक रेखीय विभागों के संपन्न हुई। बैठक के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी ने जिलाधिकारी को वित्तीय वर्ष 2019-20 के सफल कार्यो को स्लार्इड शो के माध्यम से दिखाया गया। और बताया कि आतमा योजना के अन्तर्गत पद्रर्शन, प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, फॉर्म फील्ड स्कूल, किसान मेला आदि कार्य किये जाते है। बैठक के दौरान जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वे किसानो को प्रशिक्षण गुणवत्ता परक रूप में समय से देना सुनिश्चित करें जिससे कृषक कृषि से संबन्धि नर्इ तकनीको से अवगत होकर अपना उत्पादन बढा सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में किसी भी क्षेत्र मे कार्य करने के लिए नई- नई जानकारी का होना आवश्यक है, इसके लिए किसानों को राज्य के या जनपद के अलग-अलग जगहों का भ्रमण कराया जाय ताकि वे वहां की नई तकनीक से अवगत होकर उन्नत कृषि कर सकें। जिलाधिकारी ने कीवी की खेती सब्जी उत्पादन करने पर जोर देते हुए कहा कि यदि यहां के किसान इसकी खेती और अधिक रूप में करते है तो इसमें काफी फायदा है, इसके लिए उन्होंने कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को किसानों को प्रेरित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने इस बात पर भी जोर दिया कि जनपद के किसानों के लिए मछली पालन, पशुपालन भी एक अच्छा रोजगार हो सकता है इसके लिए उन्होंने मत्स्य विभाग व पशुपालन विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि मत्स्य पालन व दुग्ध उत्पाद को बढावा देने के लिए एक मजबूत रणनीति का निर्माण जल्द से जल्द किया जाय जिसमें किसानों के सुझावों को भी सम्मिलित किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कई प्रवासी अपने गांव लौट रहें जिन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनपद में कृषि एक अच्छा माध्यम हैं, इसके लिए यह जरूरी हैं कि कृषि से जुडें सभी विभाग अपनी-अपनी विभागों की कार्ययोजना तैयार करें। तथा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के आधार पर उस क्षेत्र में अधिक उत्पादित होने वाले फसलों को उत्पादन करने के लिए लोंगो को प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग कृषि के क्षेत्र में स्वरोजगार अपनाकर अपनी आजीविका में वृद्धि कर सकें। और कहा कि  खेती से ही खुशहाली है, खेती करना जीवन का आधार है इसलिए सभी संबन्धित अधिकारी गांवों मे जाकर किसानों को प्रेरित करते हुए उनको उचित प्रशिक्षण व विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दें ताकि किसानों के साथ-साथ वहां की युवा पीढी भी नवीन योजनाओं से अवगत होते हुए खेती की ओर अपना रूझान बढा सकें। बैठक में जिलाधिकारी ने पाया कि कई रेखीय विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 व 2019-20 में उन्हें उपलब्ध करायी गयी हैं का धनराशि का समायोजन आंख्या उपलब्ध न करायें जाने पर कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित विभागों को तत्काल समायोजना आंख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दियें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाती हैं तो संबंधित अधिकारी के विरूद्ध कडी कार्रवार्इ अमल में  लायी जायेंगी। बैठक के दौरान में जिला विकास अधिकारी के.एन.तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 उदश शंकर, मुख्य कृषि अधिकाी वी0पी0मौर्या, जिला उद्यान अधिकारी आर0के0सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी गीताजंलि बंगारी, प्रबंधक आजीविका धर्मेद्र पांडे, जिला सहायक निबंधक सहकारिता मनोहर सिंह मर्तोलिया सहित संबन्धित अधिकारी मौजूद थें।